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भारतीय रेल यांत्रिक एवं विद्युत अभियंत्रण संस्थान (IRIMEE) बिहार के मुंगेर जिले मे, पटना भागलपुर रेलमार्ग पर, मुंगेर शहर से लगभग 8 किलोमीटर दूर जमालपुर मे स्थापित है । महाभारत काल मे मुंगेर राजा कर्ण के द्वारा शासित अंग प्रदेश की राजधानी था। मुंगेर बंगाल के नवाब मीर कासिम, जिंहोने यहाँ ईस्ट इंडिया कंपनी से युद्ध किया था, की भी स्थली है । यह जगह अग्नेयास्त्र बनाने का पारंपरिक कौशल रखता था, इसीलिए ईस्ट इंडिया कंपनी ने अपना पहला कारख़ाना स्थापित करने के लिये इसको चुना । चयनित जगह राजमहल पहाड़ी शृंखला की तलहटी ( छोटा नागपुर पठार का एक हिस्सा) मे थी, जो कि गंगा की बाढ़ से बचने लायक ऊंचाई पर थी एवं साथ ही ये पहाड़ियाँ किसी सेना के संगठित आक्रमण से बचा सकती थी । इस जगह पर बाबा जमाल साहेब का मकबरा था जिसपर इस जगह का नाम जमालपुर पड़ा । जमालपुर कारखाने की स्थापना 8 फरवरी 1862 को हुई ।

इरिमी की विनम्र शुरुआत 1905 मे जमालपुर कारखाने से जुड़े एक तकनीकी स्कूल के रूप मे हुई । इसका राष्ट्रीय परिदृश्य मे आगमन 1927 मे हुआ जब इसने यांत्रिक एवं विद्युत अभियन्ताओं के रूप मे विशेष श्रेणी रेलवे शिशिक्षुओं का प्रशिक्षण शुरू किया । इस स्कूल को 1974 मे केंद्रीयकृत प्रशिक्षण संस्थान बनाया गया तथा नाम बदल कर भारतीय रेल यांत्रिक एवं विद्युत अभियंत्रण संस्थान कर दिया गया एवं रेलवे बोर्ड के सीधे नियंत्रण मे ले आया गया । इस कारण ये सबसे पुराना केंद्रीयकृत प्रशिक्षण संस्थान है ।

1988 मे IRSME परिवीक्षाधीनों का प्रशिक्षण निदेशक/ इरिमी के नियंत्रण मे ले आया गया लेकिन उनका मुख्यालय खड़गपुर मे ही था, जहां एक विशेष कार्य अधिकारी थे जो निदेशक/ इरिमी से प्रशिक्षण के मामलों मे तालमेल करते थे । 1997 से IRSME परिवीक्षाधीनों का मुख्यालय जमालपुर कर दिया गया ।

इरिमी की प्रशिक्षण गतिविधियां निम्नलिखित हैं :

1. यांत्रिक विभाग के कार्यरत अधिकारियों एवं पर्यवेक्षकों के लिये व्यावसायिक पाठ्यक्रम, जैसे कि:

. कार्यरत अधिकारियों के लिये अनिवार्य पाठ्यक्रम, जैसे कि :

  • 8 से 12 वर्ष की सेवा दे चुके IRSME अधिकारियों के लिये 3 सप्ताह का वरिष्ठ व्यावसायिक उत्थान कार्यक्रम।
  • 1 से 3 वर्ष की सेवा दे चुके IRSME अधिकारियों के लिये 2 सप्ताह का REFRESHER पाठ्यक्रम।

  • नए पदोन्नत वर्ग “ख” अधिकारियों के लिये INDUCTION पाठ्यक्रम ।

ख. संगत विषयों मे विशेष पाठ्यक्रम, जैसे कि :

  • आपदा प्रबंधन पाठ्यक्रम,BREAKDOWNCRANES, नई तकनीकें, डीजल लोको विश्वसनीयता, डीजल REFRESHER पाठ्यक्रम ।

. छोटी अवधि के INTERACTIVEWORKSHOP / सेमिनार, जैसे कि :

  • सूचना तकनीक, प्रोत्साहन योजना,GM लोको उत्पादन एवं ALCO लोको मे किए गए सुधार, रोलर बीयरिंगों एवं चक्कों के रख-रखाव आदि पर सेमिनार इत्यादि । 

2. IRSME परिवीक्षाधीनों का प्रशिक्षण तथा अन्य विभागों के परिवीक्षाधीनों हेतु एक सप्ताह का परिचयात्मक पाठ्यक्रम ।

डेढ़ वर्ष के परिवीक्षा काल के दौरान IRSME परिवीक्षाधीनों का प्रशिक्षण IIRIMEE द्वारा ही नियंत्रित होता है। इस दौरान इनके प्रशिक्षण मे अधोलिखित हिस्सों का ध्यान रखा जाता है:

  • IRIMEE, NAIR, IRISET, IRICEN, IRIEEN एवं IRITM मे लगभग 40 सप्ताह का संस्थागत प्रशिक्षण ।
  • RDSO, DLW, DLMW, RCF, ICF एवं RWF जैसे बड़े रेलवे संगठनो मे लगभग 14 सप्ताह का प्रशिक्षण ।

  • रेलवे के विभिन्न मरम्मती कारखानों मे लगभग 8 सप्ताह का प्रशिक्षण ।

  • रेलवे के विभिन्न मंडलीय इकाइयों जैसे कि DIESELSHEDS, C&W DEPOTS, CONTROL ROOM इत्यादि मे लगभग 16 सप्ताह का प्रशिक्षण ।

3. विशेष श्रेणी रेलवे शिशिक्षुओं का सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण ।

4. यांत्रिक एवं धातु & रसायन विभाग के सीधे भर्ती किये गये वरिष्ठ पर्यवेक्षकों के लिए तकनीकी प्रशिक्षण ।

5. गैर रेलवे संगठनों एवं विदेशी रेलों के लिए आवश्यकतानुसार विशेष पाठ्यक्रम ।




Source : CMS Team Last Reviewed on: 03-03-2017  

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